आधार बीजों के उत्पादन, उसका भण्डार रखने और विभिन्न बीजों की आपूर्तिकर्त्ता के रूप में कार्य करने के लिए मार्च 1963 स्थापित की गई एनएससी संगठित क्षेत्र की पहली कम्पनियों में एक थी। पिछले 48 वर्षों में, इसने एक लम्बी दूरी तय की है और आज एनएससी सरकारी क्षेत्र की अन्य 16 बीज उत्पादक कम्पनियों के साथ देश में कुल प्रमाणित / गुणवत्ता वाले बीजों का लगभग 60 % बीज पैदा करती है। शेष 40 प्रतिशत बीज विभिन्न बहु राष्ट्रीय तथा निजी बीज उत्पादन कम्पनियों द्वारा पैदा किया जाता है। पिछले पांच वर्षों के दौरान एनएससी का विकास काफी प्रभावी रहा है। वर्ष 2005-06 और 2010-11 के बीच प्रमाणित बीजों का उत्पादन, कुल बिक्री तथा निवल लाभ में क्रमश: लगभग 367 %, 602 % , और 861 % वृद्धि हुई। वर्ष 2010- 11 के दौरान निगम की कुल बिक्री और सकल लाभ क्रमश: रु.633.34 करोड़ और रु.37.38 करोड़ रहा।
देश में बीज परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और पिछले एक दशक के दौरान प्रमुख फील्ड फसलों की बीज प्रतिस्थापन दर (एसआरआर) में महत्त्वपूर्ण वृद्धि और देश में काफी मात्रा में प्रमाणित / गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता के चलते गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन में बहु राष्ट्रीय कम्पनियों के प्रवेश और फसलों की किस्मों के स्थान पर उनके संकर बीजों की ओर किसानों के बढ़ते हुए रुझान के कारण प्रतिस्पर्धा में तेजी से वृद्धि हो रही है। अत: एनएससी सहित सभी बीज उत्पादक कम्पनियों को अपने उत्पादों में बेहतर किस्मों / संकर प्रजाति के बीजों को तो शामिल करना ही होगा साथ- साथ ही कृषक समुदाय को प्रदान की जा रही सेवाओं में भी सुधार लाना होगा। वहनीय मूल्यों पर गुणवत्ता वाले बीजों के विश्वसनीय आपूर्तिकर्त्ता के रूप में अपने महत्त्वपूर्ण स्थान को भविष्य में भी बनाए रखने के लिए एनएससी मुख्य रूप से अपने तकनीकी तथा विपणन कार्मिकों पर निर्भर करेगा, जिन्हें पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कड़ी मेहनत और लगन से कार्य करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि एनएससी उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन करता रहे, जिससे जो किसान इन बीजों को खरीदता हो उसे इसके उपयोग से अपने पैसे का पूरा मूल्य और अधिकतम संतुष्टि प्राप्त हो।
1963 के बाद से भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के नियंत्रण के तहत, कार्य.